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    Post Views: 8 श्रृंगड़ाराभ्र रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  कृष्णाभ्रक भस्म 8 तोले, कपूर, जावित्री, नेत्रवाला, गजपीपल, तेजपात, लौंग, जटामांसी, तालीस पत्र, दालचीनी, नागकेशर, कूठ, धाय के फूल 3-3 माशे, आँवला, बहेड़ा सोंठ, पीपल, कालीमिर्च प्रत्येक 1-1 माशे, इलायची के बीज और जायफल 6-6 माशे, शुद्ध गन्धक 1…

  • Ardhnarinateshwar Ras

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  • Vidangadi Loh

    Post Views: 217 विडंगादि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से उदर-कृमि, अर्श-अरुचि, मन्दाग्नि, विसूचिका (हैजा), शोथ, शूल, ज्वर, हिक्का, कास और श्वास का नाश होता है। कृमि रोग में इसका विशेषतया उपयोग किया जाता है। कृमिरोग में लम्बे, गोल, मूत्राकार, चपटे आदि अनेक प्रकार के कृमि आंतों में चिपके रहते…

  • Vdvanal Ras

    Post Views: 28 वडवानलः रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पार, शुद्ध गन्धक, पीपल, पाँचों नमक–प्रत्येक पृथक-पृथक, काली मिर्च, हगड़, बहेड़ा, आँवला, सज्जीखार, जवाखार और शुद्ध सुहागा–इन सबका कपड़छन किया हुआ महीन चूर्ण 1-1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना, फिर अन्य सभी का चूर्ण मिलाकर, खरल…

  • Arshoghan Vati

    Post Views: 261 अर्शोऽघ्नी बटी    गुण और उपयोग (Uses and Benefits) – यह दोनों प्रकार के बवासीर (खूनी -बादी) के लिए उत्तम दवा है। खूनी बवासीर में जब जोरों का रक्तस्राव हो रहा हो, तो इस बटी के प्रयोग से बहुत शीघ्र रक्त बन्द हो जाता है। नियमित रुप से इस बटी का सेवन…