हरिशंकर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – पारद भस्म (रससिन्दूर) तथा अभ्रक भस्म दोनों समान भाग लेकर एक सप्ताह तक आँवला और हल्दी-स्वरस में घोंटकर 1-1 रत्ती की गोलियाँ बना, सुखाकर शीशी में सुरक्षित रख लें। मात्रा और अनुपान (Dose and Anupan) :- 1-2 रत्ती सुबह-शाम, 5 तोला…
सोम योग मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – रससिन्दूर 1 भाग, सोम (सोमलता) चूर्ण 20 भाग लेकर प्रथम रससिन्दूर को खरल में डालकर सूक्ष्म मर्दन करें, पश्चात् उसमें सोमलता का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण मिला अच्छी तरह मर्दन करें। पश्चात् शीशी में भरकर सुरक्षित रखें। मात्रा और अनुपान (Dose and Anupan) …
सोमेश्वर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – शाल की छाल, अर्जुन की छाल, लोध्र, कदम्ब की छाल, अगर, लाल चन्दन, अरणीमूलत्वक्, हल्दी, दारुहल्दी, आँवला, अनारदाना, गोखरू-बीज, जामुन की मिंगी, बीरणमूल (खस)–ये प्रत्येक द्रव्य 2-2 तोला, शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, धनियाँ, नागरमोथा, छोटी इलायची, तेजपात, पद्मकाष्ठ, लौह भस्म, रसौत, पाठा,…
सोमनाथ रस (बृहत्) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – हिंगुलोत्थ पारद 1 तोला को प्रथम नीम पत्तों के रस में मर्दन करें। फिर मूषकपर्णी के रस से शोधित गन्धक 1 तोला लेकर, दोनों को एकत्र मिला सूक्ष्म कज्जली बनावे, फिर ग्वारपाठा के रस से मर्दित लौह भस्म 4 तोला लें।…
सोमनाथ रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – लौह भस्म 1 तोला, शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, छोटी इलायची, तेजपात, हल्दी, दारुहल्दी, जामुन-छाल, खस, गोखरू, वायविडंग, जीरा, पाठा, आँवला, अनार की छाल, सुहागे की खील, सफेद चन्दन, शुद्ध गुग्गुल, लोध्र, शाल वृक्ष की छाल, अर्जुन की छाल और रसौत–इनका चूर्ण 6-6…
सूतिकाविनोद रस ( बृहत्) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – अभ्रक भस्म 2 माशा, शुद्ध तूतिया 2 तोला, सोंठ 1 तोला, काली मिर्च 2 तोला पीपल 3 तोला, जावित्री 2 तोला सबको एकत्र मिलाकर 1 प्रहर सम्भालू के रस में घोंट कर 2-2 रत्ती की गोलियाँ बना सुखाकर रख लें।…
सूतिकाभरण रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – स्वर्ण भस्म,रौप्य भस्म, ताप्र भस्म, प्रवाल भस्म, शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, अभ्रक भस्म, शुद्ध हरिताल, शुद्ध मैनशिल, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, कुटकी-यें प्रत्येक द्रव्य 1-1 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें। पश्चात् काष्ठौषधियों का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण बनाकर एवं अन्य भस्मों…
सूतिकारि रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, अभ्रक भस्म, ताम्र भस्म 1-1 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली कर सबको एकत्र मिलाकर मण्डूकपर्णी के रस में 1 दिन खरल कर 1-1 रत्ती की गोलियाँ बना, छाया में सुखा कर रख लें। मात्रा और अनुपान (Dose…
सूतशेखर रस ( स्वर्ण-रहित ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, रोप्य भस्म, सोंठ, कालीमिर्च, पीपल, शुद्ध धतूरे के बीज, शुद्ध टंकण, ताम्र भस्म, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, नागकेशर, शंख भस्म, बेलगिरी, कचूर–प्रत्येक द्रव्य 1-1 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें। पश्चात् अन्य चूर्ण करने…
सूतशेखर रस नं० 1 (स्वर्ण युक्त ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, सुवर्ण भस्म, रौप्य भस्म, शुद्ध सुहागा, सोंठ, मिर्च, पीपल, शुद्ध धतूरे के बीज, ताम्र भस्म, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, नागकेशर, शंख भस्म, बेलगिरी और कचूर प्रत्येक समभाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना,…