Similar Posts

  • Amritbhallatak

    Post Views: 276 अमृतभल्लातक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- समस्त प्रकार के कफ और वातरोगों में विशेषतः जीर्ण प्रतिश्याय, पक्षाघात और कमर के दर्द में इसका उत्तम उपयोग होता है। यह योग उत्तम रसायन में वीर्यवर्द्धक और बाजीकरण है। इसका सेवन करने वाले मनुष्य को गरम भोजन, अधिक गरम जल से स्नान, धूप…

  • Unmatt Ras

    Post Views: 29 उन्मत्त रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, सोंठ, पीपल, काली मिर्च प्रत्येक समान भाग लें। प्रथम पारा गन्धक की कज्जली बना लें। फिर सोंठ, पीपल और मिर्च को कूट-कपड़छन कर चूर्ण बना, कज्जली में मिलाकर धतूरे के पत्तों के रस में १…

  • Narach Ras

    Post Views: 28 नाराच रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, सुहागे की खील, काली मिर्च का चूर्ण–प्रत्येक 1-1 तोला, शुद्ध गन्धक, पीपल और सोंठ–प्रत्येक 2-2 तोला तथा शुद्ध जमालगोटा 9 तोला लें। प्रथम पारा गन्धक की कज्जली बनावें, फिर उसमें अन्य औषधियों के चूर्ण मिला, जल से…

  • Anandbherav Ras ( Cough )

    Post Views: 45 आनन्दभैरव रस ( कास ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, शुद्ध हिंगुल, शुद्ध विष, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, शुद्ध टंकण, पीपल-प्रत्येक द्रव्य 4-4 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावे, फिर उस कज्जली को भाँगरा-स्वरस की भावना देकर दृढ़ मर्दन करें, पश्चात्‌…

  • Panchamrit Ras

    Post Views: 23 पंचामृत रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  पारद भस्म (या रससिन्दूर) अभ्रक भस्म और लौह भस्म, शुद्ध शिलाजीत, शुद्ध बच्छनाग और गुर्च तथा त्रिफला के क्वाथ में शुद्ध किया हुआ गुगल ओर नैपाली ताम्र भस्म प्रत्येक 1-1 तोला लेकर सबको एकत्र घोंट कर 2-2 रत्ती की…

  • Grahenikapat Ras( Second )

    Post Views: 29 ग्रहणीकपाट रस ( दूसरा ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, अतीस, बड़ी हरे, अभ्रक भस्म, यवक्षार, सज्जीखार, सुहागे की खील, मोचरस, बच और शुद्ध भॉग-समान भाग लेकर प्रथम पारद और गन्धक की कञ्जली बना उसमें शेष दवाओं का चूर्ण मिला, जम्बीरी नींबू…