Unmatt Ras
उन्मत्त रस
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation) – शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, सोंठ, पीपल, काली मिर्च प्रत्येक समान भाग लें। प्रथम पारा गन्धक की कज्जली बना लें। फिर सोंठ, पीपल और मिर्च को कूट-कपड़छन कर चूर्ण बना, कज्जली में मिलाकर धतूरे के पत्तों के रस में १ दिन मर्दन करें, शुष्क करके रख लें।-—रससंकेत कलिका
गुण और उपयोग (Uses and Benefits) :-
- यह औषध खाने की नहीं है, नाक में नस्य के समान सुँधाने की है।
- सन्निपात ज्वर में संज्ञाहीन (बेसुध) होने पर तथा तंद्रा अर्थात् आँख की झँपझपी होने पर और अपस्मार, मूर्च्छा आदि रोगों में संज्ञाहीन हो जाने पर इस नस्य के प्रयोग से लाभ होता है।