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  • Gulkand

    Post Views: 186 गुलकन्द गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसका प्रयोग करने से दाह, पित्तदोष, जलन, आन्तरिक गरमी बढ़ना और कब्ज के विकार नष्ट होते हैं तथा मस्तिष्क को शान्ति पहुँचाता है। इसके सेवन से स्त्रियों के गर्भाशय की गरमी शमित होकर अत्यार्तव (मासिक धर्म में अधिक रक्त जाना) रोग नष्ट होता है।…

  • Sirahshooladi Vajar Ras

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  • Gandhak Pisti Tel

    Post Views: 96 गन्धकपिष्टी तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस तेल के उपयोग से नयी-पुरानी खुजली, चाहे वह सूखी हो या गीली, कुछ दिनों तक धूप में बैठकर मालिश करने तथा बाद में नीम के साबुन लगा कर स्नान करने से चली जाती है। इसके साथ शुद्ध गन्धंक 2 रत्ती बराबर मिश्री मिलाकर…

  • Sitopladi Churan

    Post Views: 530 सितोपलादि चूर्ण गुण और उपयोग (Uses and Benifits )— इस चूर्ण के सेवन से श्‍वास, खाँसी, क्षय, हाथ और पैरों की जलन, अग्निमान्द्य, जिव्हा की शून्यता, पसली का दर्द, अरूचि, ज्वर और उर्ध्वगत रक्तपित्त शात हो जाता हैं। यह चूर्ण बढ़े हुए पित्त को शान्त करता,कफ को छाँटता,अन्न पर रुचि उत्पन्न करता,…

  • Loknath Ras

    Post Views: 8 लोकनाथ रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध बुभुक्षित पारा 2 तोला तथा शुद्ध गन्धक 2 तोला लेकर कज्जली बनावें। फिर इसको 8 तोला कौड़ी लेकर उसमें भर दें। बाद में 1 तोला सुहागा को गाय के दूध में-पीस कर उससे कौड़ियों का मुख बन्द कर…