Sootshekhar Ras ( Swarn Rahit )
सूतशेखर रस ( स्वर्ण-रहित )
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, रोप्य भस्म, सोंठ, कालीमिर्च, पीपल, शुद्ध धतूरे के बीज, शुद्ध टंकण, ताम्र भस्म, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, नागकेशर, शंख भस्म, बेलगिरी, कचूर–प्रत्येक द्रव्य 1-1 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें। पश्चात् अन्य चूर्ण करने योग्य द्रव्यों का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण करें। फिर कज्जली, चूर्ण और भस्म इन सबको एकत्र मिला भाँगरे के रस की 21 भावना दें अथवा भाँगरे के रस से 21 दिन मर्दन करें। गोली बनने योग्य होने पर 2-2 रत्ती की गोलियाँ बन्न, सुखा कर रख लें।
वक्तव्य: आचार्य यादव जी कृत सिद्धयोग संग्रह में सूतशेखर रस नाम से जो योग है, उसे स्वर्णसहित बनाने पर वह सूतशेखर रस स्वर्ण युक्त कहा जाता है और बिना स्वर्ण डाले जो बनाया जाता है, उसे स्वर्ण रहित सूतशेखर रस कहा जाता है। साधारण परिस्थिति के लोग जो अर्थाभाव के कारण स्वर्ण सहित सूतशेखर नहीं बना सकते या खरीद सकते उन्हें यदि स्वर्ण रहित सूतशेखर का सेवन कराया जाय, तो यह भी पर्याप्त लाभ करता है।
मात्रा और अनुपान (Dose and Anupan) :- 1-1 गोली सुबह-शाम, शक्कर अथवा मधु के साथ दें। दाड़िम (वेदाना) रस, दाड़िमावलेह या आँवला मुरब्बा के साथ देने से विशेष लाभ करता हैं।
गुण और उपयोग (Uses and Benefits) :-
- अम्लपित्त, भ्रमरोग (चक्कर आना), मूत्रकृच्छ, सूर्यावर्त रोग, रक्तपित्त, मुंह के छाले आदि पित्त-जनित रोग इस रसायन के सेवन से नष्ट हो जाते हैं।
- इस रसायन में स्वर्ण को छोड़कर अन्य सब द्रव्य पूर्वोक्त सूतशेखर स्वर्णयुक्त के समान ही हैं। किन्तु स्वर्ण न होते हुए भी इसमें अपूर्व चमत्कारिक गुण हैं।
- यह प्रकुपित वात को शान्त करता तथा पित्त-विकृति के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों का नाश करता है। अम्लपित्त, उन्माद, चक्कर आना आदि पित्त-जनित रोगों में इससे बहुत लाभ होता है।
- पित्त-प्रकोप के कारण नींद न आना, गला सूखना, जलन होना, आँखों से दाह होना, सम्पूर्ण शरीर घूमते हुए मालूम होना, पेट में जलन आदि रोगों में यह रसायन बहुत फायदा करता है, यह रक्त-स्तम्भक तथा रक्त प्रसादक और बलवर्द्धक भी है।
- पूर्वोक्त सूतशेखर रस स्वर्ण-युक्त के समान ही इसके भी गुणधर्म ही केवल अन्तर इतना ही है कि उसमें स्वर्ण का सम्मिश्रण होने से वह विशेष सौम्य और हृदय तथा मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने में विशिष्ट प्रभावशाली है। शेष सभी गुण दोनों में समान हैं।
This content is for informational purposes only. Always consult a certified medical professional before using any medicines.
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