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  • Dhaniyepanchakarist

    Post Views: 176 धान्यपंचकारिष्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह अरिष्ट उत्कृष्ट दीपन, पाचन और ग्राही है। इसका प्रयोग करने से अतिसार, प्रवाहिका और संग्रहणी रोग नष्ट होते हैं। अर्क सौंफ 5 तोला मिला कर पिलाने से यह पित्तातिसार और रक्तातिसार में अच्छा लाभ करता है। वक्तव्य : यह धान्यपंचक क्वाथ का योग है।…

  • Agnisandipan Ras

    Post Views: 34 अग्निसन्दीपन रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  पीपल, पीपलामूल, चव्य, चित्रक, सोंठ, काली मिर्च, पाँचों नमक, यवक्षार, सज्जीक्षार सुहाँगै की खील, सफेद जीरा, काला जीरा, अजवायन, बच सौंफ, भुनी हींग, चीते की छाल जायफल, कूठ, जावित्री, दालचीनी, तेजपात, इलायची छोटी, इमली का क्षार, अपामार्ग (चिरचिरे)…

  • Kalyan Ghrit

    Post Views: 302 कल्याण चृत गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह घृत उन्माद, अपस्मार, हिस्टीरिया, भूतोन्माद, दिमाग की खराबी, दिमाग की’ कमजोरी, तुतलापन, अग्निमांद्य, पाण्डु, कन्डु, जहर, सूजन, प्रमेह, कास, श्वास, ज्वर, पारी का ज्वर, वातरोग, जुकाम, वीर्यं की कमी, बन्ध्यापन, बुद्धि की कमी, कमजोरी, मूत्रकृच्छू, विसर्प आदि रोगों का नाश करता है। दिमाग…

  • Mandagni Sanhar Ras

    Post Views: 16 मन्दाग्नि संहार मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  अशुद्ध भिलावे 10 तोला, घी, शहद, एरण्ड तैल–प्रत्येक 15-15 तोला, अशुद्ध हिंगुल, लौंग, जावित्री, जायफल, सोंठ, पंचामृत पर्पटी–ये प्रत्येक द्रव्य 5-5 तोला लेकर प्रथम 10 तोला आशुद्ध भिलावों में से आधे भिलावे लेकर एक लोहे की कड़ाही में फैलाकर…

  • Someshwar Ras

    Post Views: 8 सोमेश्वर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शाल की छाल, अर्जुन की छाल, लोध्र, कदम्ब की छाल, अगर, लाल चन्दन, अरणीमूलत्वक्‌, हल्दी, दारुहल्दी, आँवला, अनारदाना, गोखरू-बीज, जामुन की मिंगी, बीरणमूल (खस)–ये प्रत्येक द्रव्य 2-2 तोला, शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, धनियाँ, नागरमोथा, छोटी इलायची, तेजपात, पद्मकाष्ठ, लौह…