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  • Panch Bhadar Kwath

    Post Views: 57 पंचभद्र क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ के प्रयोग से समस्त प्रकार के वात-पित्त-जन्य ज्वर नष्ट होते हैं। विशेषतः पित्तज्चर में शीघ्र एवं उत्कृष्ट लाभप्रद है। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) – पित्तपापड़ा, नागरमोथा, गिलोय, सोंठ, चिरायता–ये प्रत्येक द्रव्य 3-3 माशे लेकर जौकुट चूर्ण…

  • Shothkalanal Ras

    Post Views: 6 शोथकालानल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  चित्रक मूल की छाल, इन्द्रजौ, गजपीपल, सेंधानमक, पीपल, लौंग, जायफल , शुद्ध टंकण, लौह भस्म, अभ्रक भस्म, शद्ध पारद, शुद्ध गन्धक-ये द्रव्य पृथक्‌-पृथक्‌ 1-1 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें। पश्चात्‌ भस्में एवं अन्य चूर्ण करने योग्य द्रव्यों…

  • Haridra Khand

    Post Views: 434 हरिद्रा खण्ड गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से शीतपित्त, उदर्द, कोठ (चकत्ते), कण्डू, खुजली, विचर्चिका (एग्जिमाछाजन), जीर्णज्चर, कृमि, पाण्डुरोग, शोथ इत्यादि रोग नष्ट होते हैं I यह मृदु विरेचक होने के कारण कोष्ठशुद्धि भी करता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)  :- 6 माशा से 1 तोला तक,…

  • Pradaripu Ras

    Post Views: 16 प्रदररिपु रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, नागभस्म–प्रत्येक ।-। तोला, रसौत 3 तोला, लोध्र चूर्ण 6 तोला लें। प्रथम पारा तथा गन्धक की कञज्जली बनार्वे, फिर उसमें अन्य औषधियाँ मिलाकर सबको एक दिन वासा-रस में घोंटकर 2-2 रत्ती की गोलियाँ बना, सुखा…

  • Nidrodye Ras

    Post Views: 33 निद्रोदय रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  रससिन्दूर, वंशलोचन, शुद्ध अफीम–प्रत्येक 6-6 माशा, धाय के फूल और आंवले का कपड़छन किया हुआ महीन चूर्ण 2-2 तोला लेकर सब को खरल में डाल, भांग की पत्तियों के रस में 3 दिन घोंटें। फिर इसमें 2 तोला मुनक्का…