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    Post Views: 242 अष्टाङ्गावलेह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसका उपयोग कफजनित रोगों में विशेष किया जाता है। जैसे-कफज्वर में खाँसी, श्वास अधिक होने पर या कफ छाती में बैठ गया हो, किन्तु निकलता न हो तो उस हालत में भी कफ निकालने के लिए इसे देते हैं। न्यूमोनिया आदि रोगों में भी कफ…

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  • Chandanadi Loh

    Post Views: 299 चन्दनादि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- लौह भस्म का यह सौम्य योग है। बार-बार आने वाला पारी का ज्वर, विषमज्वर तथा जीर्णज्चर में इसका अच्छा असर होता है। यह पाचन विकार को ठीक करके बढ़ी हुई रक्त की गति को ठीक कर देता है। नेत्रदाह (आँखों में जलन), सिर…

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    Post Views: 37 क्षषुद्रादि क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ का सेवन करने से कफ-वातज्वर श्वास- कास अरुचि पार्श्वशूल युक्त ज्वर श्लैष्मिक ज्वर (न्यूमोनिया) आदि विकार नष्ट होते हैं। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) – छोटी कटेरी की जड़, गिलोय, सौंठ, पुष्करमूल-ये प्रत्येक द्रव्य 3-3 माशे लेकर…

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    Post Views: 24 चिन्तामणि चतुर्मुख रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  रससिन्दूर 4 तोला, लौह भस्म, अभ्रक भस्म प्रत्येक 2-2 तोला, स्वर्ण भस्म । तोला लेकर प्रथम रससिन्दूर को खरल में डालकर मर्दन करें, पश्चात्‌ अन्य भस्में मिलाकर ग्वारपाठे के रस में दृढ़ मर्दन कर गोला बनावें और उस…