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  • Shoolgajkesri Ras

    Post Views: 6 शूलगजकेशरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शुद्ध पारद 1 भाग, शुद्ध गन्धक 2 भाग, शुद्ध ताम्र की कटोरी या ताम्र भस्म 3 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की सूक्ष्म कज्जली बनावें। पश्चात्‌ उस कज्जली को जल के साथ मर्दन कर ताम्र की कटोरी पर लेप कर…

  • Chanderanshu Ras

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  • Chaturmukh Ras

    Post Views: 28 चतुर्मुख रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, लौह भस्म और अभ्रक भस्म 4-4 तोला तथा स्वर्ण भस्म 1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना उसमें अन्य भस्में मिला, घृतकुमारी-रस में घॉटकर गोला बना, धूप में सुखा, एरण्ड-पत्र में लपेट, सूत से…

  • Kamaladi Fant

    Post Views: 48 कमलादि फाण्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits– इस फाण्ट से हृदय का संरक्षण होता है, पेशाब खुल कर साफ आता हैं, दाह कम होता है। दस्त पतले हों तो बंध जाते हैं तथा हदय की धड़कन और नाड़ी की गति तीव्र हो, तो वह भी कम हो जाती है। ज्वर की…

  • Laxmivilas Ras ( Kasa )

    Post Views: 9 लक्ष्मीविलास रस ( रसेन्द्र-कास ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारद 4 तोला, शुद्ध हरिताल 4 तोला, खर्पर भस्म 2 तोला, बंग भस्म, ताम्र भस्म, अभ्रक भस्म, कान्त लौह भस्म, कांस्य भस्म, शुद्ध गन्धक-ये प्रत्येक द्रव्य 4-4 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावे, पश्चात्‌…