Similar Posts

  • Hemnath Ras

    Post Views: 4 हेमनाथ रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, स्वर्ण भस्म, स्वर्णमाक्षिक भस्म 1 – 1 तोला तथा लौह भस्म कपूर, प्रवाल भस्म और बंग भस्म 6-6 माशे लेकर सबको एकत्र मिला खरल करें, कज्जली हो जाने पर उसे अफीम के पानी, केले के…

  • Yakritari Loh

    Post Views: 279 यकृदरि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यकृत्‌ रोग नाश करने की यह प्रसिद्ध दवा है। यकृत्‌ में किसी तरह की बीमारी होने से पाचक रस उचित मात्रा में नहीं बन पाता, अतः अन्नादि का पाचन ठीक से नहीं होता है,जिसके कारण रस-रक्त-वीर्यं आदि शरीर को पुष्ट करने वाले सातों…

  • Unmatt Ras

    Post Views: 29 उन्मत्त रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, सोंठ, पीपल, काली मिर्च प्रत्येक समान भाग लें। प्रथम पारा गन्धक की कज्जली बना लें। फिर सोंठ, पीपल और मिर्च को कूट-कपड़छन कर चूर्ण बना, कज्जली में मिलाकर धतूरे के पत्तों के रस में १…

  • Chopchini Pak

    Post Views: 202 चोपचीनी पाक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से उपदंश (आतशक), त्रण, कुष्ठ, वातव्याधि, भगन्दर, धातुक्षय से उत्पन्न खाँसी, जुकाम और यक्ष्मा का नाश हो, शरीर पुष्ट हो जाता हैं। इस पाक में चोपचीनी प्रधान द्रव्य है, अतः सुजाक की वजह से पैदा हुई सन्धियों की सूजन और सन्धियाँ…

  • Narikelasava

    Post Views: 163 नारिकेलासव गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह आसव पौष्टिक, बल-वीर्य बढ़ाने वाला और बाजीकरण है। इसके सेवन से कामशक्ति की वृद्धि होती है। धानुक्षीणता , छोटी आयु में अप्राकृतिक ढंग से शुक्र का नाश करने या अधिक स्वप्न दोष अथवा और भी किसी कारण से वीर्य पतला हो गया हो, वीर्य-वाहिनी…

  • Visuchika Vidhwanshan Ras

    Post Views: 20 विसूचीका विध्वंसन रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, शुद्ध विष, सुहागे की खील, सोंठ, स्वर्णमाक्षिक भस्म, शुद्ध अफीम–प्रत्येक 1-1 तोला और शुद्ध सिंगरफ सब दवाओं के बराबर (7 तोला) लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना, उसमें सिंगरफ तथा अन्य दवा मिलाकर कुछ…