Kamaladi Fant
कमलादि फाण्ट
गुण और उपयोग (Uses and Benefits–
- इस फाण्ट से हृदय का संरक्षण होता है, पेशाब खुल कर साफ आता हैं, दाह कम होता है।
- दस्त पतले हों तो बंध जाते हैं तथा हदय की धड़कन और नाड़ी की गति तीव्र हो, तो वह भी कम हो जाती है।
- ज्वर की तीव्रावस्था में हृदय की पेशी विकृत और शिथिल हो जाती है।
- यदि ज्वर की प्रारम्भिक अवस्था से ही इस फाण्ट का व्यवहार किया जाय, तो हृदय पर ये दोनों घातक प्रभाव नहीं होते हैं।
मात्रा और अनुपान (Dose and Anupan)– इसमें से 8 से 10 तोले तक की यात्रा में दिन भर में दो-तीन बार पिलावें।
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation) – कमल के फूले, सफेद चन्दन, लाल चन्दन, मुलेठी, नागरमोथा, खस, धान का लावा और मिश्री, सब दवा मिला कर दो तोला लेकर जौकुट चूर्णं करें। फिर 64 तोले उबलते जल में डालकर ठण्डा होने तक ढक कर रख दें। पश्चात् छानकर क्वाथ का प्रयोग करें।
This content is for informational purposes only. Always consult a certified medical professional before using any medicines.
Book Your Online Consultation