Similar Posts

  • Garbhpal Ras

    Post Views: 33 गर्भपाल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध सिंगरफ, नागभस्म, बंगभस्म, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, सोंठ, पीपल, मिर्च, धनियाँ, स्याहजीरा, चव्य (चाव), मुनक्का और देवदारु–प्रत्येक 1-1तोला, लौहभस्म आधा तोला लेकर सबको कोयल (सफेद अपराजिता) के रस में घोंटकर 1ये1 रत्ती की गोलियाँ बना सुखाकर रख लें।…

  • Vatari Ras

    Post Views: 15 वातारि रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा 1 तोला, शुद्ध गन्धक 2 तोला, त्रिफला चूर्ण मिश्रित 3 तोला, चित्रक मूल की छाले 4 तोला, शुद्ध गूगल 5 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कञ्जली बनावें। पश्चात्‌ शुद्ध गूगल को एरण्ड तैल में डालकर पतला करें…

  • Tuvrak Tel – Chalmogra oil

    Post Views: 252 तुबरक तैल ( चालमोंगरा तैल ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : सबेरे-शाम दिन में दो बार यह तैल पाँच बूँद की मात्रा से आरम्भ करें और प्रति चौथे दिन पाँच बूँद की मात्रा बढ़ाकर 4 तोला तक गाय के ताजे मक्खन या दूध की मलाई में मिलाकर दें। रोगी जितनी मात्रा…

  • Kutaj Avleh

    Post Views: 285 कुटजावलेह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से कच्चे-पक्के, रंग-बिरंगे और वेदनायुक्त सब प्रकार के अतिसार, दुःसाध्य संग्रहणी तथा प्रवाहिका (पेचिश) का नाश होता है। मरोड़ के दस्तों में जब कि भयंकर रीति से दस्त के साथ खून गिरता है, उस सयम इस अवलेह के सेवन से बहुत जल्द…

  • Swas chintamani Ras ( Vrihat )

    Post Views: 8 श्वासचिन्तामणि रस ( बृहत्‌ ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  लौह भस्म 2 तोला, शुद्ध गन्धक 1 तोला, अभ्रक भस्म 1 तोला, शुद्ध पारद 6 माशा, स्वर्णमाक्षिक भस्म 6 माशा, मोती भस्म 3 माशा, स्वर्ण भस्म 3 माशा लें। इन सबको खरल में एकत्र डालकर कण्टकारि-रस,…

  • Narikel Khand Pak

    Post Views: 332 नारिकेल खण्डपाक इसके सेवन सें पुरुषत्व, निद्रा और बल की वृद्धि होती है तथा अम्लपित्त, परिणामशूल और क्षय का नाश होता है। गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसमें प्रधान द्रव्य नारियल है, जिससे शीतवीर्य, स्निग्ध और पौष्टिक होने के कारण इस पाक का प्रयोग पैत्तिक बीमारियों में तथा शुक्र-क्षयादि के…