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    Post Views: 34 गुल्मकालानल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, शुद्ध टंकण, ताम्र भस्म, शुद्ध हरताल–प्रत्येक 2-2 तोला, यवक्षार 10 तोला, नागरमोथा, सोंठ, पीपल, काली मिर्च, गजपीपल, हरे, बच और कूठ काचूर्ण-प्रत्येक 1 -1 तोला लें। प्रथम पारद और गन्धक की कज्जली बना पश्चात्‌ अन्य…

  • Som Yog

    Post Views: 9 सोम योग मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  रससिन्दूर 1 भाग, सोम (सोमलता) चूर्ण 20 भाग लेकर प्रथम रससिन्दूर को खरल में डालकर सूक्ष्म मर्दन करें, पश्चात्‌ उसमें सोमलता का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण मिला अच्छी तरह मर्दन करें। पश्चात्‌ शीशी में भरकर सुरक्षित रखें। मात्रा और अनुपान …

  • Chandan Bala Lakshadi Tel

    Post Views: 123 चन्दन-बला-लाक्षादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह तेल खाँसी, श्वास, क्षय, छर्दि, रक्तप्रदर, रक्तपित्त, कफ रोग, दाह, कण्डू, विस्फोटक, शिरोरोग, नेत्रदाह, शरीर का दाह, सूजन, कामला, पाण्डु रोग और ज्वर का नाश करता है। इसके अतिरिक्त दाह, पाण्डु, छाती, कमर, हाथ-पाँव का जकड़ जाना, इनमें भी लाभदायक है। सूखी…

  • Chandaramrit Loh

    Post Views: 252 चन्द्रामृत लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से सब प्रकार की खाँसी, श्वास, ज्वर, भ्रम, दाह, तृष्णा, शूल और जीर्णज्वर का नाश होता हें तथा अरुचि, जठराग्नि और बल-वर्ण की वृद्धि होती है। इस लौह का गुण-धर्म चन्द्रामृत रस के सदूश ही है। अन्तर इतना है किं इसमें…

  • Harishankar Ras

    Post Views: 8 हरिशंकर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  पारद भस्म (रससिन्दूर) तथा अभ्रक भस्म दोनों समान भाग लेकर एक सप्ताह तक आँवला और हल्दी-स्वरस में घोंटकर 1-1 रत्ती की गोलियाँ बना, सुखाकर शीशी में सुरक्षित रख लें। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)  :-     1-2 रत्ती…

  • Partaplankeshwar Ras

    Post Views: 21 प्रतापलंकेशवर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, अभ्रक भस्म, शुद्ध बच्छनाग 1-1 तोला, काली मिर्च का चूर्ण 3 तोला, लौह भस्म 4 तोला, शंख भस्म 8 तोला और अरण्य उपलों (बनगोइठा) की भस्म 16 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावे, फिर…