Rasanasaptak Kwath
रास्नासप्तक क्वाथ
गुण और उपयोग (Uses and Benefits)
- इस क्वाथ के सेवन से आमवात, कमर, जाँघ, पीठ और पसली का दर्द और वातसम्बन्धी पेट-दर्द दूर होता है।
मात्रा और अनुपान (Dose and Anupan)– 4 तोला चूर्ण लेकर 6 तोला जल मेँ पकावें। 4 तोला जल शेष रहने पर उतार कर छान लें। फिर उसमें रेंडी का तेल मिलाकर पीने को दें।
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation) – रास्ना, गोखरू, एरण्ड की जड़, गिलोय (गुर्च), देवदारु, पुनर्नवा, सोंठ और अमलतास का गूदा–प्रत्येक समान भाग लेकर जौकुट चूर्ण बना कर रख लें। शा. ध. सं.
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