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    Kalari Ras

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  • Kashisadi TEL

    Post Views: 147 कासीसादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : आचार्य श्री खरनाथ जी ने अर्शाकुरों का नाश करने के लिए इस तैंल को श्रेष्ठ कहा है। इस तैल को अर्शाकुरों पर लगाने से समस्त प्रकार के अर्शरोग नष्ट होते हैं। इस तैल के क्षारत्व गुण के कारण इसके लगाने से बवासीर शीघ्र नष्ट…

  • Vdvanal Ras

    Post Views: 28 वडवानलः रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पार, शुद्ध गन्धक, पीपल, पाँचों नमक–प्रत्येक पृथक-पृथक, काली मिर्च, हगड़, बहेड़ा, आँवला, सज्जीखार, जवाखार और शुद्ध सुहागा–इन सबका कपड़छन किया हुआ महीन चूर्ण 1-1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना, फिर अन्य सभी का चूर्ण मिलाकर, खरल…

  • Maha Gandhak Ras

    Post Views: 10 महागंधक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा और गन्धक दोनों समान भाग लेकर कञ्जली बना, उसे मन्दाग्नि पर पिघला, पर्पटी बना लें, फिर उसमें जायफल, जावित्री, लौंग, नीम के पत्तों का चूर्ण 1-1 तोला मिलाकर सबको पानी की सहायता से घोंटकर पिण्डाकार टिकिया बना…

  • Mutarkrichantak Ras

    Post Views: 16 मूत्रकृच्छान्तक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, जवाखार–प्रत्येक समान भाग लें, कज्जली बनाकर सुरक्षित रख लें। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)–  2 से 4 रत्ती, मिश्री के साथ दें। ठण्डा जल या दूध की लस्सी ऊपर से पिला दें। गुण और उपयोग…

  • Kamdudha Ras (Plain)

    Post Views: 55 कामदुधा रस ( साधारण ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –    गिलोय सत्त्व 4 तोला, स्वर्णगैरिक 1 तोला, अभ्रक भस्म 1 तोला लेकर तीनों द्रव्यों को एकक मिला दृढ़ मर्दन कर सुरक्षित रख लें। र. यो. सा. मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)–  3 से 6 रत्ती…