Sutikavinod Ras ( Vrihat )
सूतिकाविनोद रस ( बृहत्)
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – अभ्रक भस्म 2 माशा, शुद्ध तूतिया 2 तोला, सोंठ 1 तोला, काली मिर्च 2 तोला पीपल 3 तोला, जावित्री 2 तोला सबको एकत्र मिलाकर 1 प्रहर सम्भालू के रस में घोंट कर 2-2 रत्ती की गोलियाँ बना सुखाकर रख लें।
मात्रा और अनुपान (Dose and Anupan) :- 1-1 गोली सुबह-शाम मधु या गो-दुग्ध से अथवा दशमूल क्वाथ से दें।
गुण और उपयोग (Uses and Benefits) :-
- प्रसूत रोग की यह प्रसिद्ध दवा है। इसके सेवन से प्रसूत ज्वर, शूल, विष्टम्भ, अजीर्ण आदि वातरोगजन्य विकार नष्ट हो जाते हैं।
- वक्तव्य: कुछ ग्रन्थों में ‘व्योमकम्’ अभ्रकवाची शब्द के स्थान पर ‘रोमकम्’ (व्योमकलवण) का उल्लेख है, किन्तु गुणों की दृष्टि से ‘व्योमकम्” ही उचित हैं।
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