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  • Kankarist ( Raktshodhak)

    Post Views: 289 कनकारिष्ट ( रक्तशोधक ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसे प्रातःकाल बिना कुछ खाये ही सेवन करगे से पुराना कुष्ठ एक मास में शान्त हो जाता है। यह अरिष्ट रक्त-शोधक है। अतएव इसका प्रयोग रक्त-विकार में करने से विशेष लाभ होता है। प्रमेहपीड़िका, शंरीर में छोटी-छोटी फुन्सियाँ हो जाना, खून की…

  • Kaskesri Ras

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  • Saptgun Oil

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  • Mandagni Sanhar Ras

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  • Trivikram Ras

    Post Views: 21 त्रिविक्रम रस अशमरी मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  ताम्र भस्म 20 तोला को 20 तोला बकरी के दूध में मन्दाग्नि पर पकावें। जब सब दूध सूख जाय, तब 20 तोला पारा और 20 तोला शुद्ध गन्धक डाल, कज्जली बना, सब को 1 दिन सम्भालू के पत्तों…