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  • Bahumutrantak Ras

    Post Views: 29 बहुमूत्रान्तक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  रससिन्दूर, लौह भस्म, बंग भस्म, शुद्ध अफीम, गूलर-फल के बीज, बेल की जड़ की छाल और तुलसी समान भाग लेकर, प्रथम रससिन्दूर को खरल में घोंटकर लौह और बङ्ग भस्म, शुद्ध अफीम मिला काष्ठौषधियों को कूट-कपड़छन कर महीन चूर्ण…

  • Shothodarari Loh

    Post Views: 161 शोथोदरारि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- कभी-कभी पेट में पुराने संचित मल के कारण आंतें शिथिल हो, अपना कार्य करने में असमर्थ हो जाती हैं। फिर पेट में वायु भर जाता तथा आंतें भी सूज जातीं और साथ-साथ पेट की नसें भी फूल. जाती हैं तथा यकृत्‌-प्लीहा भी बढ़…

  • Mahanarayan Tel

    Post Views: 91 महानारायण तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल की मालिश करने से पसीने की दुर्गन्ध शीघ्र नष्ट होती है और समस्त प्रकार के वात रोगों को शीघ्र नष्ट करता है। इस तैल को पीने, अभ्यंग, मालिश करने, भोज्य सामग्री में मिलाकर खाने और बस्ति के रूप में सब प्रकार से…

  • Visham Jwarantak Loh

    Post Views: 293 विषम ज्वरान्तक लौह ( पुटपक्व ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इस रसायन का सेवन करने से समस्त प्रकार के कठिन जीर्ण ज्वर रोग नष्ट होते हैं। विशेषतः विषम ज्वर में इसके प्रयोग से वरदान सदृश लाभ होता है। इसके अतिरिक्त वातज, पित्तज और कफोत्थ आठौं प्रकार कै ज्वर तथा एकतरा,…

  • Laghu Sudarshan Churan

    Post Views: 168 लघु सुदर्शन चूर्ण गुण और उपयोग (Uses and Benifits )— यह भी सब प्रकार क ज्वरों को नष्ट करता है। तन्द्रा, भ्रम तृष, पाण्डु, कामला, कमर की पीड़ा, पीठ का दर्द, पसली का दर्द आदि रोगों को दर करता  है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan) —1 to 5 gms , सुबह-शाम…