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    Post Views: 171 श्रीखंडासव गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इसके सेवन से मद्यजनित रोग यथा–पानात्यय, पानविभ्रम, पानाजीर्ण आदि रोग दूर होते हैं। पैत्तिक (पित्तजन्य) रोगों में इसका विशेष उपयोग किया जाता है। रक्तपित्त, प्यास कीं अधिकता, बाह्यदाह और अन्तर्दाह, रक्तदोष, मूत्रकृच्छू, मूत्राघात, शुक्रदोष आदि विकारों में भी यह उत्तम लाभदायक है। मात्रा और अनुपान …

  • Sirahshooladi Vajar Ras

    Post Views: 25 शिरःशूलादिवज्र रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, लौह भस्म, ताम्र भस्म–प्रत्येक 4-4 तोले, शुद्ध गुग्गुलु 16 तोले, त्रिफला चूर्ण 8 तोले तथा कूठ, मुलेठी, गोखरू, वायविडंग और दशमूल–प्रत्येक 1-1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक को कज्जली बना लें, फिर उसमें अन्य औषधियों का…

  • Arjunarist

    Post Views: 171 अर्जुनारिष्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- शरीर में वायु अधिक हो जाने के कारण हृदय धड़कता है और शरीर में पसीना आने लगता है, मुंह सूख जाता है, नींद कम आती है, बेचैनी रहती है, शरीर में रक्तसंचार ठीक से नहीं होता, मन घबड़ाता है और रोगी को मूृत्यु-भय सताने लगता…

  • Rasanasaptak Kwath

    Post Views: 33 रास्नासप्तक क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ के सेवन से आमवात, कमर, जाँघ, पीठ और पसली का दर्द और वातसम्बन्धी पेट-दर्द दूर होता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)– 4 तोला चूर्ण लेकर 6 तोला जल मेँ पकावें। 4 तोला जल शेष रहने पर उतार कर छान लें। फिर…

  • Ajeerankantak Ras

    Post Views: 26 अजीर्णकण्टक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  सुहागे की खील, पीपल, शुद्ध बच्छनाग औरं हिंगुल 1-1 तोला, काली मिर्च 2 तोला । सब चीजों को एकत्र कर कूटंने वाली दवा को कूट कर कपड़छन कर लें, फिर इसमें सिंगरफ और सुहागे की खील मिला जम्बीरी नींबू…

  • Pradrantak Ras

    Post Views: 22 प्रदरान्तक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, बंग भस्म, चाँदी भस्म, खपरिया (अभाव में यशद भस्म), कौड़ी भस्म—प्रत्येफ 3-3 माशे, लौह भस्म 3 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें, फिर उसमें अन्य औषधें मिलाकर सबको 1 दिन स्वारपाठे (घीकुमारी) के रस…