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    Post Views: 114 प्रमेहमिहिर तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits):- इसकी मालिश से वात-विकार तथा वातज, पित्तज, कफज, सन्निपातज, मेदोगत और मांसगत ज्वर नष्ट होते हैं। यह शुक्रक्षय के कारण दुर्बल व्यक्तियों के लिये विशेष उपयोगी है। यह तैल दाह, पिपासा, पित्त, छर्दि (वमन), मुँह सूखना तथा 20 प्रकार के प्रमेह रोगों को नष्ट…

  • Gandhak Rasayan

    Post Views: 66 गन्धक रसायन मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  गाय के दूध से 3 बार शुद्ध किया हुआ गन्धक 64 तोला लें। उसको पत्थर के खरल में डाल, दालंचीनी, तेजपात, छोटी इलायची और नागकेशर-इन प्रत्येक का कपड़छन चूर्ण समान भाग में लेकर, इस चूर्ण को रात में द्विगुणित…

  • Vatraktantak Ras

    Post Views: 15 वातरक्तान्तक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, गन्धक, लौह भस्म, अभ्रक भस्म, शुद्ध हरताल, शुद्ध मैनशिल, शुद्ध शिलाजीत, शुद्ध गुग्गुलु, वायविडङ्ग, हर्रे, बहेड़ा, आँवला, सोंठ, मिर्च, पीपल, बाकुची, पुनर्नवा की जड़, देवदारु, चित्रक, दारुहल्दी और सफेद कोयल (अपराजिता) की जड़-प्रत्येक समान भाग लेकर पारा-गन्धक…

  • Kutaj Avleh

    Post Views: 282 कुटजावलेह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से कच्चे-पक्के, रंग-बिरंगे और वेदनायुक्त सब प्रकार के अतिसार, दुःसाध्य संग्रहणी तथा प्रवाहिका (पेचिश) का नाश होता है। मरोड़ के दस्तों में जब कि भयंकर रीति से दस्त के साथ खून गिरता है, उस सयम इस अवलेह के सेवन से बहुत जल्द…

  • Ratangiri Ras

    Post Views: 11 रत्नगिरि रस ( साधारण ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध मैनशिल, शुद्ध टंकण, शुद्ध हिंगुल, जायफल, लौंग–ये प्रत्येक द्रव्य 1-1 भाग लेकर प्रथम चूर्ण करने योग्य द्रव्यों का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण करें। पश्चात्‌ समस्त द्रव्यों को एकत्र मिला तुलसी-पत्र-स्वरस, अदरख-स्वरस और हुलहुल के स्वरस की…

  • Dantiarist

    Post Views: 296 दन्ती-अरिष्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इसके सेवन से बवासीर, ग्रहणी, पाण्डु, अरुचि आदि रोग नष्ट होते हैं। इसके अतिरिक्त यह मल और वायु का अनुलोएन करता तथा अग्नि को प्रदीप्त करता है। इसका उपयोग विशेषतया अर्श रोग में किया जाता है। बवासीर में भी यह बादी में जितना लाभ करता…