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  • Amritprabha Vati

    Post Views: 413 अमृतप्रभा बटी गुण और उपयोग (Uses and Benefits )– इस बटी का प्रयोग करने से समस्त प्रकार के अजीर्ण रोग समूल नष्ट होते हैं और प्रकूपित आम या कफ-दोष का पाचन कर जठराग्नि प्रदीप्त करती है। इसके अतिरिक्त अरुचि, आध्मान, ग्रहणी रोग, अर्श, पाण्डु रोग, शूल रोग और अन्य उदर रोगों को…

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    Post Views: 210 महाविषगर्भ तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल की मालिश से सन्धियों की सूजन  गृध्रसी सिर-दर्द समूचे शरीर में हड़फूटन होना कान में आवाज होना आधा शरीर सूख जाना आदि रोग नष्ट होते हैं। यह बहुत प्रसिद्ध तैल है। पुराने वात रोगों में इस तैल की मालिश से बहुत लाभ…

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    Post Views: 356 कालमेघ-नवायस गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- जीर्णज्वर या विषमज्वर के बाद की दुर्बलता, पाण्डु रोग और यकृत्‌ वृद्धि में यह लाभदायक है। पुराना ज्वर अधिक दिन तक ज्वर आने से शरीर दुर्बल और कमजोर हो जाता है। इसमें रक्त की कमी के कारणे शरीर पाण्डु रंग का हो जाता है, फिर…