Similar Posts

  • Vasantkusumakar Ras

    Post Views: 20 वसंतकुसुमाकर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  प्रवाल भस्म या पिष्टी,  रससिन्दूर, मोती पिष्टी या भस्म, अभ्रक भस्म प्रत्येक 4-4 तोला, रौप्य (चाँदी) भस्म, सुवर्ण भस्म 2-2 तोला, लौह भस्म, नाग भस्म और बंग भस्म–प्रत्येक 3-3 तोला लेकर सबको पत्थर के खरल में डालकर अडूसे की…

  • Agastye Haritiki Rasayan

    Post Views: 348 अगस्त्य हरीतकी गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से दमा, क्षय, खाँसी, ज्वर, अर्श, अरुचि, पीनस तथा ग्रहणी रोग का नाश होता है। यह अवलेह रसायन तथा बल-वर्ण का देने वाला है। इस अवलेह में हरें की प्रधानता: है। आयुर्वेद में हरीतकी के गुणधर्म का वर्णन बहुत विस्तार से है।…

  • Kameshwar Modak

    Post Views: 279 कामेश्वर मोदक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से वीर्य-वृद्धि तथा वीर्यस्तम्भन होता है। यह मोदक वाजीकरण और कामाग्निसंदीपन है। निर्बल पुरुषों को बल देता तथा .उरःक्षत, राजयक्ष्मा, कास, श्वास, अतिसार, अर्श, ग्रहणी, प्रमेह तथा श्लेष्मप्रकोप आदि अनेक व्याधियों को नष्ट करता है। यह बुद्धिवर्धक भी है। मात्रा और…

  • Garbhpal Ras

    Post Views: 32 गर्भपाल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध सिंगरफ, नागभस्म, बंगभस्म, दालचीनी, तेजपात, छोटी इलायची, सोंठ, पीपल, मिर्च, धनियाँ, स्याहजीरा, चव्य (चाव), मुनक्का और देवदारु–प्रत्येक 1-1तोला, लौहभस्म आधा तोला लेकर सबको कोयल (सफेद अपराजिता) के रस में घोंटकर 1ये1 रत्ती की गोलियाँ बना सुखाकर रख लें।…

  • Erend Pak

    Post Views: 157 एरण्ड पाक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से लकवा, पंगुवात, आमवात, ऊरुस्तम्भ, शिरागत वायु, कटिवात, बस्तिवात, कोष्ठगतवात, वृषणवृद्धि, सूजन, उदरशूल, अपेण्डिसाइटिस आदि रोग नष्ट होते हैं। यह पाक सारक और वातनाशक दवाओं में अपना प्रधान स्थान रखता है। कमजोर मनुष्यों की शक्ति बढ़ाने के लिये इसकां सेवन करना…

  • Trikantakadi Kwath

    Post Views: 34 त्रिकण्टकादि क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) मद्य का प्रक्षेप देकर इस क्वाथ के पिलाने से अत्यन्त कठिन अशमरी-जनित मूत्रकृच्छु रोग शीघ्र नष्ट होता है और शनैः-शनैः अश्मरी को तोड़कर बाहर निकाल देता है। मूत्राघात में भी उपयोगी है। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) – गोखरू,…