Similar Posts

  • Ashokarist

    Post Views: 206 अशोकारिष्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- स्त्रियों को होनेवाले प्रमुख रोग यथा–रक्त-शवेत प्रदर, पीड़ितार्तव, पाण्डु, गर्भाशय व योनि भ्रंश, डिम्बकोष प्रदाह, हिस्टीरिया, वन्ध्यापन तथा ज्वर, रक्तपित्त, अर्श, मन्दाग्नि, सूजन, अरुचि इत्यादि रोगों को नष्ट करता है। अशोकारिष्ट में अशोक की छाल की ही प्रधानता है। अशोक की कई जातियां होती…

  • Kiratadi Tel

    Post Views: 127 किरातादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस तैल की मालिश करने से सन्तत-सततादि ज्वर एवं धातुगत ज्वर तथा अथिमज्जागतज्वर नष्ट होते हैं। इसके अतिरिक्त कामला, ग्रहणी, अतिसार, हलीमक, प्लीहा, पाण्डु रोग और शोथ-इन रोगों को भी नष्ट करता है। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of…

  • Navratan Raj Mrangank Ras

    Post Views: 18 नवरत्न राजमृगांक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, स्वर्ण भस्म, रौप्य भस्म, खर्पर भस्म, वैक्रान्त भस्म, कान्त लौह भस्म, बंग भस्म, नाग भस्म, हीरा भस्म, प्रवाल भस्म, विमल भस्म, . माणिक्य भस्म, पन्ना भस्म, स्वर्ण माक्षिक भस्म, रौप्यमाक्षिक भस्म, मोती भस्म, पुखराज…

  • Yakritari Loh

    Post Views: 274 यकृदरि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यकृत्‌ रोग नाश करने की यह प्रसिद्ध दवा है। यकृत्‌ में किसी तरह की बीमारी होने से पाचक रस उचित मात्रा में नहीं बन पाता, अतः अन्नादि का पाचन ठीक से नहीं होता है,जिसके कारण रस-रक्त-वीर्यं आदि शरीर को पुष्ट करने वाले सातों…

  • Ladhvanand Ras

    Post Views: 9 लध्वानन्द रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, लौह भस्म, शुद्ध विष, अभ्रक भस्म–प्रत्येक 1-1 तोला काली मिर्च-चूर्ण 8 तोला, शुद्ध सुहागा 4 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना, फिर अन्य द्रव्य मिला, मर्दन कर, भाँगरा तथा अम्लवेत के रस से पृथक्‌-पृथक्‌…

  • Ajeerankantak Ras

    Post Views: 26 अजीर्णकण्टक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  सुहागे की खील, पीपल, शुद्ध बच्छनाग औरं हिंगुल 1-1 तोला, काली मिर्च 2 तोला । सब चीजों को एकत्र कर कूटंने वाली दवा को कूट कर कपड़छन कर लें, फिर इसमें सिंगरफ और सुहागे की खील मिला जम्बीरी नींबू…