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  • Kutaj Avleh

    Post Views: 285 कुटजावलेह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से कच्चे-पक्के, रंग-बिरंगे और वेदनायुक्त सब प्रकार के अतिसार, दुःसाध्य संग्रहणी तथा प्रवाहिका (पेचिश) का नाश होता है। मरोड़ के दस्तों में जब कि भयंकर रीति से दस्त के साथ खून गिरता है, उस सयम इस अवलेह के सेवन से बहुत जल्द…

  • Amritbhallatak

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    Post Views: 33 कासकेशरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध हिंगुल, काली मिर्च, नागरमोथा, शुद्ध टंकण, शुद्ध सींगिया विष–ये प्रत्येक द्रव्य – भाग लेकर चूर्ण करने योग्य द्रव्यो का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण करें। पश्चात्‌ सब को एकत्रित मिला जम्बीरी नींबू के रस में दृढ़ मर्दन कर गोली बनाने…

  • Vdvanal Ras

    Post Views: 29 वडवानलः रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पार, शुद्ध गन्धक, पीपल, पाँचों नमक–प्रत्येक पृथक-पृथक, काली मिर्च, हगड़, बहेड़ा, आँवला, सज्जीखार, जवाखार और शुद्ध सुहागा–इन सबका कपड़छन किया हुआ महीन चूर्ण 1-1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना, फिर अन्य सभी का चूर्ण मिलाकर, खरल…

  • Vatgajankush Ras

    Post Views: 42 वातगजांकुश रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  पारद भस्म (रससिन्दूर), लौह भस्म, स्वर्णमाक्षिक भस्म, शुद्ध गन्धक, शुद्ध हरताल, हर्रे, ककड़ासिंगी, शुद्ध बच्छनाग, सोंठ, मिर्च, पीपल, अरनी की जड़ की छाल, सुहागा प्रत्येक समान भाग लें। प्रथम पारा-गन्धक को कज्जली बना लें, फिर उसमें काष्ठौषधियों का कपड़छन…