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    Post Views: 171 श्रीखंडासव गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इसके सेवन से मद्यजनित रोग यथा–पानात्यय, पानविभ्रम, पानाजीर्ण आदि रोग दूर होते हैं। पैत्तिक (पित्तजन्य) रोगों में इसका विशेष उपयोग किया जाता है। रक्तपित्त, प्यास कीं अधिकता, बाह्यदाह और अन्तर्दाह, रक्तदोष, मूत्रकृच्छू, मूत्राघात, शुक्रदोष आदि विकारों में भी यह उत्तम लाभदायक है। मात्रा और अनुपान …

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  • Ramban Ras

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  • Tripurbhairav Ras

    Post Views: 27 त्रिपुरभैरव रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध बच्छनाग 1 तोला, सोंठ 2 तोला, पीपल 3 तोला, काली मिर्च 4 तोला, ताम्र भस्म 5 तोला और शुद्ध हिंगुल 6 तोला लेकर सबको अदरक के रस में घॉटकर 2-2 रत्ती की गोलियाँ बना, सुखाकर रख लें।…

  • Gulmkalanal Ras

    Post Views: 31 गुल्मकालानल रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, शुद्ध टंकण, ताम्र भस्म, शुद्ध हरताल–प्रत्येक 2-2 तोला, यवक्षार 10 तोला, नागरमोथा, सोंठ, पीपल, काली मिर्च, गजपीपल, हरे, बच और कूठ काचूर्ण-प्रत्येक 1 -1 तोला लें। प्रथम पारद और गन्धक की कज्जली बना पश्चात्‌ अन्य…

  • Maha Gandhak Ras

    Post Views: 10 महागंधक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा और गन्धक दोनों समान भाग लेकर कञ्जली बना, उसे मन्दाग्नि पर पिघला, पर्पटी बना लें, फिर उसमें जायफल, जावित्री, लौंग, नीम के पत्तों का चूर्ण 1-1 तोला मिलाकर सबको पानी की सहायता से घोंटकर पिण्डाकार टिकिया बना…