Medicinal plants in Ayurveda

  • Hydrocotyle asiatica

    ब्राह्मी ब्राह्मी हिमा कषाया च तिक्ता वातास्रपित्तजित । बुद्ध प्रज्ञां च मेधां च कुर्य्यादायुष्यबद्धेनी ।। ६६ ॥  रा.नि. ब्राह्मी के गुण और कर्म (medicinal properties an uses) :- ब्राह्मी शीतवीर्य , कषाय रस, विपाक में तिक्त है। वातरक्त तथा पित्तविकार को शान्त करती है। यह बुद्धि, प्रज्ञाशक्ति एवं मेधाशक्ति को देती है तथा आयुवर्धक है…