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  • Mahamanjitharisth

    Post Views: 149 महामञ्जिष्ठादारिष्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस औषधि के उपयोग से कुठ रोग, वातरक्त, अर्दित, मेदोवृद्धि, शलीपद (फीलपांव) रोग शीघ्र नष्ठ होते हैं। इसके अतिरिक्त रक्तदुष्टिजन्य त्वचारोग, खाज-खुजली, फोड़े-फुन्सी आदि में अकेला या गन्धक रसायन अथवा शुद्ध गन्धक या रसमाणिक्य या अन्य किसी रक्‍तदुष्टिनाशक औषधि के अनुपान के साथ इसके प्रयोग…

  • Khadiradi Tel

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  • Ashvkanchuki Ras

    Post Views: 29 अश्वकंचुकी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध पारा और गन्धक, सुहागे की खील, शुद्ध विष, सोंठ, पीपरी, मिर्च, आँवला, हरे, बहेड़ा, शुद्ध हरताल–प्रत्येक एक-एक भाग, शुद्ध जमालगोटा तीन भाग लेकर प्रथम पारा और गन्धक की कज्जली बना, अन्य औषधियों का कफड़छन किया हुआ चूर्ण मिला,…

  • Kalkut Ras

    Post Views: 40 कालकूट रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध बच्छनाग विष 11 तोला, शुद्ध पारद 3 तोला, शुद्ध गन्धक 5 तोला, शुद्ध मैनशिल 6 तोला, ताम्र भस्म 4 तोला, सुहागे की खील 6 तोला, शुद्ध हरताल (या हरताल भस्म) 9 तोला, चित्रकमूल 9 तोला, त्रिकटु 12 तोला,…

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