vaat rakt

  • Himsagar Oil

    हिमसागर तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल के प्रयोग से वायुवेग के कारण ऊपर से नीचे गिरे हुए , हाथी, घोड़ा, ऊँट इनकी सवारी पर से गिरे हुए एवं ठेले की चोट खाये हुए मनुष्यों के वात रोगों में अच्छा लाभ होता है। इसके अतिरिक्त पंगु, एकांग शोष, सर्वांग शोष, उरःक्षत, क्षीण-वीर्य,…

  • Guduchiadi Tel

    गुडूच्यादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस तेल की मालिश करने से वातरक्त, तिमिर रोग, कुष्ठरोग, त्वचा के विकार, विसर्प, पसीना अधिक आना, खुजली और दाह आदि रोग नष्ट होते हैं। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  मूर्च्छित तिल तेल 28 तोला, गिलोय का क्वाथ 52 तोला,…