PARMEH

  • Parmeh Gajkesri Ras

    प्रमेहगजकेशरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  बंग भस्म, सुवर्ण भस्म, कान्त लौह भस्म, पारद भस्म या (रस-सिन्दूर), मोती भस्म या मोती पिष्टी, दालचीनी, छोटी इलायची, तेजपात और नागकेशर का चूर्ण समान भाग लेकर सबको एकत्र मिला, घृतकुमारी के रस में घोंटकर 1-1 रत्ती की गोलियाँ बना, सुखा कर…

  • Parmeh Har Kwath

    प्रमेहहर क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ का प्रयोग करने से समस्त प्रकार के प्रमेह रोग शीघ्र नष्ट होते हैं और मूत्रकृच्छू तथा मूत्राघात में भी यह लाभदायक हैं। इस क्वाथ का अकेले या प्रमेहहर योगों के अनुपानरूप में भी प्रयोग किया जाता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)– इसमें से 1…