oedema

  • Purarnavadi Tel

    पुनर्नवादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल की मालिश करने से शोथ, कामला, पाण्डुरोग, हलीमक, रक्तपित्त, अत्यन्त कठिन महाशोथ, भगन्दर, प्लीहा रोग,उदररोग, जीर्ण ज्वर आदि व्याधियाँ नष्ट होती हैं। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  पुनर्नवा-मूल 5 सेर लेकर 25 सेर 9 छटाँक 3 तोला जल में…

  • Shothodarari Loh

    शोथोदरारि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- कभी-कभी पेट में पुराने संचित मल के कारण आंतें शिथिल हो, अपना कार्य करने में असमर्थ हो जाती हैं। फिर पेट में वायु भर जाता तथा आंतें भी सूज जातीं और साथ-साथ पेट की नसें भी फूल. जाती हैं तथा यकृत्‌-प्लीहा भी बढ़ जाते हैं। रक्त…