intestine problem

  • Mrigank Potli Rasayan

    मृगांक पोट्टीली रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा 4 तोला, सोने का वर्क 4 तोला, दोनों को-खूब घॉंटे।-जब पारद में स्वर्ण मिल जाय तो उसे 1-1 दिन कचनार, हुलहुल और कलिहारी के रस में घोंट, उसमें एक तोला सुहागा और 8 तोला मोती चूर्ण (पिष्टी) तथा 17…

  • Amritprabha Vati

    अमृतप्रभा बटी गुण और उपयोग (Uses and Benefits )– इस बटी का प्रयोग करने से समस्त प्रकार के अजीर्ण रोग समूल नष्ट होते हैं और प्रकूपित आम या कफ-दोष का पाचन कर जठराग्नि प्रदीप्त करती है। इसके अतिरिक्त अरुचि, आध्मान, ग्रहणी रोग, अर्श, पाण्डु रोग, शूल रोग और अन्य उदर रोगों को नष्ट करती है।…