injury

  • Kashisadi TEL

    कासीसादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : आचार्य श्री खरनाथ जी ने अर्शाकुरों का नाश करने के लिए इस तैंल को श्रेष्ठ कहा है। इस तैल को अर्शाकुरों पर लगाने से समस्त प्रकार के अर्शरोग नष्ट होते हैं। इस तैल के क्षारत्व गुण के कारण इसके लगाने से बवासीर शीघ्र नष्ट हो जाती है।…

  • Jatiyadi Ghrit

    जात्यादि घृत ( मरहम ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह घृत नाड़ीव्रण (नासूर), पीड़ायुक्त व्रण और जिस व्रण से रक्त. निकलता रहता हो, उस व्रण को तथा मकड़ी के घाव, अग्नि से जलने तथा गहरे घाव भी ठीक करता है। इसको मरहम की भाँति लगाने से मर्मस्थानों के घाव, पीवयुक्त और अधिक फोड़ायुक्त…