fungal infection

  • Somraji Oil

    सोमराजी तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल की मालिश करने से समस्त प्रकार के कुष्ठ, नाड़ीव्रण, दुष्टब्रण आदि शीघ्र नष्ट होते हैं। इसके अतिरिक्त पीलिका, पीड़िका, व्यंग, गम्भीर वातरक्त रोग, कण्डू, कच्छू, दाद, पामा आदि रोग नष्ट करता है। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  बाकुची, हल्दी,…

  • Mahamarichadi Tel

    महामरिच्यादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): कुष्ठ, सूजन, सुनबहरी, वात, देह में चट्टे निकलना और व्रण आदि रोगों में इस तैल को लगाने से लाभ होता है। आग से जल जाने पर होने वाला घाव, नासूर, कहीं गिर पड़ने से खुर्च (छिल) कर हुआ घाव, जो फोड़ा बराबर बहता ही रहता हो, फोड़ा-फुन्सी,…