eye remedy

  • Parmeh Har Kwath

    प्रमेहहर क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ का प्रयोग करने से समस्त प्रकार के प्रमेह रोग शीघ्र नष्ट होते हैं और मूत्रकृच्छू तथा मूत्राघात में भी यह लाभदायक हैं। इस क्वाथ का अकेले या प्रमेहहर योगों के अनुपानरूप में भी प्रयोग किया जाता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan)– इसमें से 1…

  • Anu Tel

    अणु-तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इन्द्रियं कों अपने वश में रखें, तो यह तैल तीनों दोषों (बढ़े हुए) को नष्ट करता है। इन्द्रियों की बलवृद्धि करता है। इस तैल का समुचित काल में विधिपूर्वक प्रयोग करने से मनुष्य उत्तम गुणों को प्राप्त करता है। मनुष्य को अणु तैल का नस्य प्रतिवर्ष जब…

  • Mahatriphaladi Ghrit

    महात्रिफलादि घृत गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इसके सेवन से रक्तदुष्टि, रक्तस्रांव, रतौंधी, तिमिर, आँखो में ज्यादा दर्द होना, आँखों से कम दिखाई पड़ना, शरीर की कमजोरी आदि नेत्ररोग दूर होते हैं। त्रिफला की महिमा आयुर्वेदशास्त्र में बहुत वर्णित है तथा इसके उपयोग से लाभ उठाने वाले भी बहुत देखे जाते हैं। यह…

  • Saptamrit Loh

    सप्तामृत लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यह सब प्रकार के नेत्र-रोगों की खास दवा है। इसके सेवन स दृष्टि-शक्ति की कमी, आँखों की लाली, आंखों में खाज होना, आँखों के आगे अन्धेरा होना आदि विकार और नेत्र रोग अच्छे हो जाते हैं। इससे दस्त साफ -आता एंव, अग्नि (जठराग्नि) प्रदीप्त होती हैं…