erectile dysfunction

  • Shrigopal oil

    श्रीगोपालतैल – गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल की मालिश से वात, पित्त और कफजन्य सभी तरह के रोग आराम होते हैं। स्मरणशक्ति बढ़ती और बुद्धि तीव्र हो जाती है। इस तैले के उपयोग से वात रोगों और प्रमेह रोग में बहुत लाभ होता है। इसका प्रभाव गर्भाशय पर भी होता है। ज़िस…

  • Narikelasava

    नारिकेलासव गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह आसव पौष्टिक, बल-वीर्य बढ़ाने वाला और बाजीकरण है। इसके सेवन से कामशक्ति की वृद्धि होती है। धानुक्षीणता , छोटी आयु में अप्राकृतिक ढंग से शुक्र का नाश करने या अधिक स्वप्न दोष अथवा और भी किसी कारण से वीर्य पतला हो गया हो, वीर्य-वाहिनी नाड़ियाँ शिथिल होकर…

  • Musali Pak

    मूसलीपाक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यह पाक अत्यन्त पौष्टिक, बल-वीर्य तथा कामशक्ति-वर्द्धक और नपुंसकता-नाशक है। इसके सेवन से धातु-दौर्बल्य नष्ट होकर शरीर स्वस्थ, कान्तियुक्त एवं बलिष्ठ हो जाता है। स्त्रियों के प्रदर रोग तथा पुरुषों के वीर्य दोष को नष्ट करने में यह अत्युत्तम है। यह बात निश्चित है कि पौष्टिक चीजें…

  • Madananand Modak

    मदनानन्द मोदक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इससे बल-वीर्य की वृद्धि, रति-शक्ति की वृद्धि और स्तम्भन शक्ति प्राप्त होती है। यह संग्रहणी और मन्दाग्नि की उत्तम दवा है। सत्री-सम्भोग के लिये सायंकाल इसका सेवन दूध के साथ करना चाहिए। आयुर्वेद के आचार्यो का मत है कि लगातार तीन सप्ताह तक इसका सेवन करने…

  • Badam Pak

    बादाम पाक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- दिमाग एवं हृदय की कमजोरी तथा शुक्र-क्षय, पित्तःविकार, नेत्र एवं शिरोरोग में लाभकारी। इसके सेवन से शरीर पुष्ट होता है। यह सर्दियों में सेवन करने योग्य उत्तम पुष्टई है। दिमागी काम करने वाले तथा सिर-दर्द वाले को इस पाक का सेवन अवश्य करना चाहिए। किसी-किसी को…

  • Satavariadi Churan

    शतावर्यादि चूर्ण गुण और उपयोग (Uses and Benifits )— यह चूर्ण पौष्टिक, श्रेष्ठ बाजीकरण और उत्तम वीर्यवर्द्धक है। इस चुर्ण के सेवन से रस-रक्तादि सप्त धातुओं की क्रमशः वृद्धि हो जाती है। इसके सेवन काल में ब्रह्मचय स रहने से शरीर में बल और पौरुष शक्ति की वर्धि होती है ओर निर्दोष वीर्य का निर्माण…