ear pain

  • Kshar oil

    क्षार तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल के उपयोग से समस्त प्रकार के कर्णरोग जैसे कर्ण पूय (कान से मवाद या पीब आना) कर्ण नाद (कान में भाँति-भाँति के शब्द सुनाई देना) कर्ण शूल (कान का दर्द) बधिरता (बहरापन) कर्ण-कृमि (कान में कृमि उत्पन्न होना) कान-सम्बन्धी अन्यान्य रोगों एवं मुखरोगों को शीघ्र…

  • Bilva Tel

    बिल्व तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल को कान में डालने से समस्त प्रकार के कर्ण रोग शीघ्र नष्ट होते हैं। इसके अतिरिक्त कान में दर्द होना, कान में सायँ-सायँ शब्द होना एवं बहरापन आदि कान के विकार नष्ट होते हैं। मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation):…

  • Badhirye Nashak Tel

    बाधिर्य नाशक तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): कान में ज्यादा मैल जम जाने कान के छेद किसी कारण बन्द हो जाने सुनने की शक्ति कम हो जाने या सुनाई कम देने पर इस तैल का उपयोग करें। कान में किसी प्रकार बीमारी हो, तो इससे पूर्ण लाभ होता है। मुख्य सामग्री तथा बनाने…

  • Panchgun Tel

    पंचगुण तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): संधिवात में और शरीर के किसी भी अवयव में शूल (दर्द) में हल्के हाथ से मालिश करें। कर्णशूल में कान में डालें। सब प्रकार के वर्णों में ब्रण क़ो नीम और सम्भालू की बत्ती के क्वाथ से धोकर, उस पर इस तैल में भिंगोई हुई रुर्ड या…

  • Kumbhi Tel

    कुम्भी तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : कान के रोगों में इस तैल का व्यवहार किया जाता है। इससे कान का दर्द, कान का पकना, मवाद आना आदि रोग दूर हो जाते हैं। कान के अन्दर फोड़ा-फुन्सी हो जाने से वह पक कर बहने लगता है। यदि कहीं अधिक दिन तक मवाद बहता रहा,…