diabetic wounds

  • Someshwar Ras

    सोमेश्वर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शाल की छाल, अर्जुन की छाल, लोध्र, कदम्ब की छाल, अगर, लाल चन्दन, अरणीमूलत्वक्‌, हल्दी, दारुहल्दी, आँवला, अनारदाना, गोखरू-बीज, जामुन की मिंगी, बीरणमूल (खस)–ये प्रत्येक द्रव्य 2-2 तोला, शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, धनियाँ, नागरमोथा, छोटी इलायची, तेजपात, पद्मकाष्ठ, लौह भस्म, रसौत, पाठा,…

  • Vranrakshak Tel

    ब्रणराक्षस तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस तैल की मालिश से समस्त प्रकार के चर्मरोग और प्रण नष्ट होते हैं। इसके अतिरिक्त नाड़ीब्रण {नासूर), विस्फोट, मांस-वृद्धि, विचर्चिका (एक्जिमा), दाद, अपची, ‘ कण्डू, मण्डलकुष्ठ और दुष्ट व्रण नष्ट हो जाते हैं! मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  पारद, गन्धक,…

  • Jatiyadi Ghrit

    जात्यादि घृत ( मरहम ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह घृत नाड़ीव्रण (नासूर), पीड़ायुक्त व्रण और जिस व्रण से रक्त. निकलता रहता हो, उस व्रण को तथा मकड़ी के घाव, अग्नि से जलने तथा गहरे घाव भी ठीक करता है। इसको मरहम की भाँति लगाने से मर्मस्थानों के घाव, पीवयुक्त और अधिक फोड़ायुक्त…