depression

  • Chaturmukh Ras

    चतुर्मुख रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, लौह भस्म और अभ्रक भस्म 4-4 तोला तथा स्वर्ण भस्म 1 तोला लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बना उसमें अन्य भस्में मिला, घृतकुमारी-रस में घॉटकर गोला बना, धूप में सुखा, एरण्ड-पत्र में लपेट, सूत से बाँधकर, धान की…

  • Mansyadi kwath

    मांस्यादि क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ का हिस्टीरिया, आक्षेप और बालकों का आक्षेप आदि रोगों में अकेले या अपतन्त्रकारि बटी या वृहद्वातचिन्तामणि या ब्राह्मी बटी (सुवर्ण-युक्त) या सर्पगन्धायोग–इनकेअनुपान रूप में प्रयोग करें। मस्तिष्क के क्षोभ एवं निद्रानाश में भी इसके सेवन से उत्तम लाभ होता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and…

  • Chetas Ghrit

    चैतस घृत गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस घृत का अधिकतर उपयोग मानसिक रोगों में किया जाता है। उन्माद रोग की प्रारम्भिक अवस्था में इसके उपयोग से बहुत लाभ होता है। इसी तरह हिस्टीरिया, मृगी (अपस्मार), मूर्च्छा, सन्यास आदि रोगों में भी इसके उपयोग से लाभ होता है। मात्रा और अनुपान  (Dose and Anupan) …

  • Sarasvatarist

    सारस्वतारिष्ट गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इसके सेवन से आयु, वीर्य, धृति, मेधा (बुद्धि), बल, स्मरणशक्ति और कान्ति की वृद्धि होती है। यह रसायन–हद्य अर्थात्‌ हृदय के रोगों को दूर करने वाला या हृदय को बल प्रदान करने वाला है। बालक, युवा (जवान), वृद्ध, स्री, पुरुषों के लिए हितकारी है। यह ओजवर्द्धक है। इसके…