Shothshardul oil
शोथशार्दूल तैल
गुण और उपयोग (Uses and Benefits):
- यह तैल वातज, कफज, पित्तज और सन्निपातज, सर्व देहगत भयंकर से भयंकर शोथ को भी नष्ट कर देता हैं।
- इसके अतिरिक्त यह ज्वर, पाण्डु, श्लीपद, घाव वाले व्रण, नाड़ी-व्रण, दुष्ट त्रण आदि रोगों का भी नाश करता हैं।
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – धतूरा, दशमूल, संभालू, जयन्ती, पुनर्नवा और करंज–प्रत्येक 30-30 तोला लेकर सबको 32 सेर पानी में पकावें और चौथाई जल शेष रहने-पर छान लें। फिर रास्ना, पुनर्नवा, देवदारु, सूखी मूली, सोंठ और पीपल समान भाग (20 तोला) लेकर कल्क बनावें। 2 सेर सरसों के तेल में यह कल्क तथा उपरोक्त क्वाथ मिला कर पकावें। जब तैल मात्र रह जाय, तब छानकर रख लें। भै. र.
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