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    Post Views: 36 महामंजिष्ठादि क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ के सेवन से महाकुष्ठ, क्षुद्र कुष्ठ, वातरक्त, सुनबहरी, वात, ब्रण (घाव), दाह, सुई चुभोने जैसी पीड़ा, उपदंश, शरीर पर लाल-लाल चकत्ते पड़ जाना, अर्दित, पक्षाघात, नेत्ररोग, मेदरोग, श्लीपद (फीलपाँव) तथा रक्तमंडल आदि दोष नष्ट होते हैं। इसको आठ गुने जल में 4…

  • Maharasnadi Kwath

    Post Views: 44 महारास्नादि क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ के सेवन से सर्वाङ्ग वात, अर्धाङ्ग वात, सन्धिवात, मेदागत वात, कम्प वात, अपबाहुक, गृध्रसी, आमवात, श्लीपद, अपतानक, अन्त्रवृद्धि, आध्मान, अर्दित, एकांग वात, शुक्रदोष, योनिरोग और बन्ध्यादोष नष्ट होते हैं। वात-सम्बन्धी रोगों को नष्ट करने के लिये यह दवा बहुत प्रसिद्ध है। वात…

  • Parmeh Gajkesri Ras

    Post Views: 29 प्रमेहगजकेशरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  बंग भस्म, सुवर्ण भस्म, कान्त लौह भस्म, पारद भस्म या (रस-सिन्दूर), मोती भस्म या मोती पिष्टी, दालचीनी, छोटी इलायची, तेजपात और नागकेशर का चूर्ण समान भाग लेकर सबको एकत्र मिला, घृतकुमारी के रस में घोंटकर 1-1 रत्ती की गोलियाँ…

  • Mansyadi kwath

    Post Views: 37 मांस्यादि क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits) इस क्वाथ का हिस्टीरिया, आक्षेप और बालकों का आक्षेप आदि रोगों में अकेले या अपतन्त्रकारि बटी या वृहद्वातचिन्तामणि या ब्राह्मी बटी (सुवर्ण-युक्त) या सर्पगन्धायोग–इनकेअनुपान रूप में प्रयोग करें। मस्तिष्क के क्षोभ एवं निद्रानाश में भी इसके सेवन से उत्तम लाभ होता है। मात्रा और…

  • Agnikumar Ras

    Post Views: 38 अग्निकुमार रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) – शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक अग्नि, पर फुलाया हुआ सुहागा 1-1 तोला, शुद्ध बच्छनाग 3 तोला, कौड़ी भस्म और शंख भस्म 2-2 तोला और काली मिर्च 8 तोला लें। प्रथम पारद और गन्धक की कज्जली बना उसमें भस्में और अन्य…

  • Jalodarari Ras (Second)

    Post Views: 31 जलोदरारि रस ( दूसरा ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  पीपल, ताम्र भस्म और हल्दी का चूर्ण 1 – 1 भाग तथा दृध शुद्ध जमालगोटे के बीज सब के बराबर लेकर सब को एक दिन थूहर (सेंहुड़) के दूध में घोंट कर – रत्ती की गोलियाँ…