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  • Vyaghari Haritiki

    Post Views: 283 व्याघ्री हरीतकी गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके उपयोग से खाँसी और श्वास रोग नष्ट होते हैं तथा स्वर, वर्ण और अग्नि की वृद्धि होती है। कफ और वात प्रधान रोगों में इसका विशेष प्रभाव होता है। कास-श्वास रोगी के लिए यह अमृत के समान लाभ करता है। किसी कारण से…

  • Madhumalini Basant

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  • Chandrodye Ras

    Post Views: 26 चन्द्रोदय रस ( रसगन्धकवडङ्गाश्रकल्प ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, बंग भस्म, अभ्रक भस्म–प्रत्येक समान भाग लेकर प्रथम पारा- गन्धक की कज्जली बनावे, फिर उसमें बंग भस्म और अभ्रक भस्म मिलाकर जम्बीरी नींबू के रस में घोंट, गोला बना, सम्पुट में बन्द…

  • Parmeh Gajkesri Ras

    Post Views: 29 प्रमेहगजकेशरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  बंग भस्म, सुवर्ण भस्म, कान्त लौह भस्म, पारद भस्म या (रस-सिन्दूर), मोती भस्म या मोती पिष्टी, दालचीनी, छोटी इलायची, तेजपात और नागकेशर का चूर्ण समान भाग लेकर सबको एकत्र मिला, घृतकुमारी के रस में घोंटकर 1-1 रत्ती की गोलियाँ…