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    Post Views: 33 गर्भ चिन्तामणि रस बृहत्‌ मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, स्वर्ण भस्म, लौह भस्म, रौप्य भस्म, स्वर्णमाक्षिक भस्म, शुद्ध हरिताल, बंग भस्म, अभ्रक भस्म–ये प्रत्येक द्रव्य 1 – 1 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें, पश्चात्‌ अन्य सभी भस्मों को एकत्र मिला…

  • Laxminarayan Ras

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  • Vishava Tapharan Ras

    Post Views: 16 विश्वतापहरण रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्थक, ताम्र भस्म, शुद्ध कुचला, शुद्ध जमाल-गोटा, हरे, पीपल, कुटकी, निशोथ–प्रत्येक सम भाग लें। प्रथम पारा-गन्धक की कञ्जली बनावें, फिर उसमें अन्य औषधियों का महीन चूर्ण मिला दिन धतूरे के रस में घोटकर, 2-2 रत्ती की…

  • Kankarist ( Raktshodhak)

    Post Views: 302 कनकारिष्ट ( रक्तशोधक ) गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसे प्रातःकाल बिना कुछ खाये ही सेवन करगे से पुराना कुष्ठ एक मास में शान्त हो जाता है। यह अरिष्ट रक्त-शोधक है। अतएव इसका प्रयोग रक्त-विकार में करने से विशेष लाभ होता है। प्रमेहपीड़िका, शंरीर में छोटी-छोटी फुन्सियाँ हो जाना, खून की…

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