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    Post Views: 25 प्रदरान्तक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, बंग भस्म, चाँदी भस्म, खपरिया (अभाव में यशद भस्म), कौड़ी भस्म—प्रत्येफ 3-3 माशे, लौह भस्म 3 तोला लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें, फिर उसमें अन्य औषधें मिलाकर सबको 1 दिन स्वारपाठे (घीकुमारी) के रस…

  • Pashupat Ras

    Post Views: 20 पाशुपत रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारा 1 तोला, शुद्ध गन्धक 2 तोला, तीक्ष्ण लोहभस्म 3 तोला और शुद्ध बच्छनाग 6 तोला लें। प्रथम पारा-गंधक की कज्जली बना, फिर अन्य औषधें मिला, सबको एक दिन चित्रकमूल के क्वाथ में घोंटें। फ़िर सोंठ, पीपल, मिर्च…

  • Sheetpitbhanjan Ras

    Post Views: 16 शीतपित्तभंजन रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation): –  शुद्ध पारद 3 भाग, शुद्ध गन्धक 3 भाग, कासीस भस्म 3 भाग, ताम्र भस्म 3 भाग लेकर सबको खरल में एकत्र डालकर भृंगराज-स्वरस और शरपुंखा-स्वरस या क्वाथ की 7-7 भावना देकर टिकिया बना, सुखा सराब-सम्पुट में रखकर पुट देवें।…

  • Amritarnava Ras

    Post Views: 41 अमृतार्णव रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   हिंगुलोत्थ पारा और शुद्ध गन्थक, लौह भस्म, सुहागे की खील, कैचूर, धनियाँ, सुगन्धवाला, नागरमोथा, पाठा, जीरा सफेद और अतीस प्रत्येक 1-1 तोला लें। प्रथम पारा- गन्धक की कज्जली बनावे और उसमें अन्य औषधियों का चूर्ण मिलाकर बकरी के…

  • Rasadi Ras

    Post Views: 14 रसादि रस ( चूर्ण ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, कपूर, श्वेत चन्दन, जटामांसी, नेत्रवाला (खस), नागरमोथा, खस, छोटी इलायची, दरियाई नारियल–प्रत्येक द्रव्य 1-1 भाग लेकर प्रथम पारा गन्धक की कज्जली बनावे, पश्चात्‌ अन्य द्रव्यों का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण मिला, गुलाब या…

  • Talkeshwar Ras

    Post Views: 29 तालकेश्वर रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध हरताल, सोनामक्खी भस्म, शुद्ध मैनशिल, शुद्ध पारा, सेन्धा नमक और शुद्ध सुहागा 1-1 तोला तथा शुद्ध गंधक और शंख भस्म प्रत्येक 2-2 तोला लेकर, प्रथम पारा गन्धक की कज्जली बना, पश्चात्‌ उसमें भस्मों तथा अन्य औषधियों का चूर्ण…