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  • Yakritplihari Loh

    Post Views: 233 यकृत्‌-प्लीहारि लौह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से पुराने यकृत्‌-प्लीहा के रोग, उदर रोग, पेट फूलना, ज्वर, पाण्डु, कामला, शोथ हलीमक, अग्निमान्द्य और अरुचि का नाश होता है। यकृत्‌ रोग में इसका विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। शरीर में यकृत्‌-जैसा दूसरा उपयोगी यंत्र नहीं है। यकृत्‌-रोग…

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  • Kamdudha Ras (Motiyukt)

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  • Ashok Ghrit

    Post Views: 188 अशोक घृत गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : यह घृत रक्त-सफेद, नीले-पीले रंग के प्रदर रोग, कुक्षि का दर्द, कमर और योनि की पीड़ा, मन्दाग्नि, अरुचि, पाण्डु, दुबलापन, श्वास, कामला आदि स्त्रियों के रोगों का नाश करता है। यह बल और शरीर की कान्ति को भी बढ़ाता है। यह घृत स्त्रियों के…

  • Khadiradi Tel

    Post Views: 173 खदिरादि तैल गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस तेल के प्रयोग से मुंह का पकना, मसूड़ों का पकना और मवाद (पीब) आना, दाँतों का सड़ना, दाँतों में छिद्र होना, दाँतों में कीड़े लगना, मुँह की दुर्गन्ध तथा जीभ, तालु और होठों के रोग नष्ट हो जाते हैं। मुखरोग मुँह में छाले…