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    Post Views: 130 शरद् में पित्त असंतुलन के लक्षण दाह – जलन, औष्ण्य – उष्ण – ताप, पाक – दमन, स्वेद – पसीना, क्लेद – मल-संचय, कोठा – सड़न, कंडू – खुजली, स्राव – ज्यादा तरलता, राग – आधिक लालिमा अंतर्निहित गंध, रंग और स्वाद। शरद् ऋतुचर्या वर्षाशीतोचिताङ्गानां सहसैवार्करश्मिभिः । तप्तानां सञ्चितं वृष्टौ पित्तं शरदि…

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