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    Post Views: 18 जवाहर मोहरा नं० – 1 ( स्वर्ण-मुक्ता-कस्तूरी-अम्बर-युक्‍त ) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   माणिक्य पिष्टी 2 तोला, पन्ना पिष्टी 2 तोला, मुक्ता पिष्टी 2 तोला, प्रवाल पिष्टी 4 तोला, संगेयशव पिष्टी 4 तोला, कहरवा पिष्टी 2 तोला, वरक चाँदी तोला, वरक सोना 1,तोला, दरियाई नारियल…

  • Supari Pak

    Post Views: 399 सुपारी पाक गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- यह पाक अत्यन्त बाजीकरण और पुष्टिकारक है। इसके सेवन से स्त्रियों की योनि से होनेवाले नाना प्रकार के खाव (प्रदर) नष्ट होते हैं और स्त्री तथा पुरुष दोनों के बन्ध्यत्व दोष को नष्ट करके उन्‍हें सन्तानोत्पत्ति योग्य बना देता है। पुरुषों के शीघ्रपतन…

  • Chyavanprash

    Post Views: 393 च्यवनप्राशावलेह गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- अग्नि और बल का विचार कर क्षीण पुरुष को इस रसायन का सेवन करना चाहिए। बालक, वृद्ध, क्षत-क्षीण, स्त्री-संभोग से क्षीण, शोषरोगी, हदय के रोगी और क्षीण स्वरवाले को इसके सेवन से काफी लाभ होता है। इसके सेवन से खाँसी, श्वास, प्यास, वातरक्त, छाती…

  • Amritastak Kwath

    Post Views: 83 अमृताष्टक क्वाथ गुण और उपयोग (Uses and Benefits): इस क्वाथ के सेवन से पित्त और कफजन्य ज्वर, जी मिचलाना, अरुचि, वमन, अधिक प्यास लगना, पेट, हाथ-पैर और आँखों में जलन होना आदि उपद्रव शान्त होते हैं। यह काढ़ा सौम्य गुण-प्रधान होते हुए कफष्न भी है, अतएव इस क्वाथ का प्रयोग विशेषकर पित्त…

  • Kaskesri Ras

    Post Views: 31 कासकेशरी रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध हिंगुल, काली मिर्च, नागरमोथा, शुद्ध टंकण, शुद्ध सींगिया विष–ये प्रत्येक द्रव्य – भाग लेकर चूर्ण करने योग्य द्रव्यो का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण करें। पश्चात्‌ सब को एकत्रित मिला जम्बीरी नींबू के रस में दृढ़ मर्दन कर गोली बनाने…

  • Kumarkalyan Ghrit

    Post Views: 124 कुमारकल्याण घृत गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस घृत के सेवन से बल, वर्ण, रुचि, जठराग्नि, मेधा और कान्ति बढ़ती है। दाँत आने के समय बालकों को इसके सेवन कराने से बिना उपद्रव के दाँत निकल आते हैं। बालशोष में 3 माशा इस घृत में 2 रत्ती गोदन्ती भस्म और 4…