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  • Tripurbhairav Ras

    Post Views: 29 त्रिपुरभैरव रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध बच्छनाग 1 तोला, सोंठ 2 तोला, पीपल 3 तोला, काली मिर्च 4 तोला, ताम्र भस्म 5 तोला और शुद्ध हिंगुल 6 तोला लेकर सबको अदरक के रस में घॉटकर 2-2 रत्ती की गोलियाँ बना, सुखाकर रख लें।…

  • Nagarjunabhar Ras

    Post Views: 59 नागार्जुनाभ्र रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  सहस्रपुटी वज्राभ्रक भस्म 7 दिन अर्जुन की छाल के रस में घोंट कर 1-1 रत्ती:की गोलियाँ बना, छाया में सुखा कर रख लें। वक्तव्य: प्रायः लोग साधारण अभ्रक भस्म को ही 7 दिन अर्जुन छाल स्वरस की भावना देकर…

  • Chosathpehri Pippli

    Post Views: 30 चौंसठप्रहरी पीपल मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  छोटी पीपल का सूक्ष्म कपड़छन चूर्ण 10 तोला, पीपल बड़ी का फाण्ट 10 तोला लेकर चूर्ण में मिला, खरल में डाल कर 64 प्रहर तक मर्दन करें पश्चात्‌ छाया में सुखा कर पीस करके सुरक्षित रख लें। मात्रा और…

  • Rasraj Ras

    Post Views: 15 रसराज रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  रससिन्दूर 4 तोला, अभ्रक भस्म 1 तोला, सुवर्णभस्म, मोती पिष्टी, प्रवाल भस्म या पिष्टी 6-6 माशे, लौह भस्म, रौप्यभस्म, बंगभस्म, असगंध, लौंग, जावित्री, जायफल, काकोली प्रत्येक 3-3 माशे लें। प्रथम रससिन्दूर को खूब महीन पीस कर उसमें अन्य भस्में…

  • Bhringrajasava

    Post Views: 143 भूङ्गराजासव गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  : इस आसव के उपयोग से सभी प्रकार के धातु-क्षय और राजयक्ष्मा रोग नष्ट होते हैं। पांचों प्रकार की खाँसी और कृशता को नष्ट करता है। यह बलकारक और कामोदरीपक है। इसके सेवन से बन्ध्यत्व दूर हो स्त्री सन्तानवती होती है। धातुक्षय के रोगी को इसका…