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  • Gandhak Vati(Raj Vati)

    Post Views: 164 गन्धक बटी ( राज बटी ): मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि : शुद्ध गन्धक 2 तोला, सोंठ का महीन चूर्ण 4 तोला, सेंधा नमक 2 तोला-इन तीनों का महीन चूर्ण कर नींबू के रस में तीन दिन तक मर्दन कर, चने के बराबर गोलियाँ बना लें। मात्रा और अनुपान :   भोजन के…

  • Aptantrak(Hysteria)Gutika

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  • Dadimadi Vati(दाड्मिदि बटी)

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  • Trilokya Vijya Vati

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  • Amritprabha Vati

    Post Views: 410 अमृतप्रभा बटी गुण और उपयोग (Uses and Benefits )– इस बटी का प्रयोग करने से समस्त प्रकार के अजीर्ण रोग समूल नष्ट होते हैं और प्रकूपित आम या कफ-दोष का पाचन कर जठराग्नि प्रदीप्त करती है। इसके अतिरिक्त अरुचि, आध्मान, ग्रहणी रोग, अर्श, पाण्डु रोग, शूल रोग और अन्य उदर रोगों को…