Malla Tel
मल्ल ( संखिया क्रा ) तैल
गुण और उपयोग (Uses and Benefits):
- यह तैल बहुत उग्र और तत्काल फल दिखाने वाला है।
- वात वेदना में इस तैल की 10 बूँद को अन्य तेल में मिलाकर मालिश करने से आश्चर्यजनक लाभ होता है।
- नीम की एक सींक में तैल लगाकर पान में रगड़ दें। इस पान के खाने से दमे में तत्काल फायदा होता है। बराबर खाने से बल की वृद्धि होती है।
- नपुंसकता में 2 बूँद इस तैल में 0 बूँद तिल तेल मिलाकर इन्द्रिय का मुंह छोड़कर मालिश करें तथा १-7 बूँद खाने को दें! शर्तिया आराम होगा।
मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि ( Main Ingredients and Method of Preparation): – श्वेत मल्ल, जावित्री, जायफल, लौंग, अजवायन, खुरासानी अजवायन, अजमोदा, भाँग के बीज–त्रत्येक 3-3 तोला लें। मालकांगनी 6 तोला लें, सबको कूट कर दरदरा चूर्ण करें। एक आस्मानीः (नीली) रंग की ब्रोतल पर तीन कपरौटी करके उसमें यह चूर्ण भर दें। तदुपरान्त बोतल में 7।! तोला तिल तेल डालकर झाडू के पतले तिनकों (सीकों) से बोतल का मुँह बन्द कर दें और पाताल यन्त्र की विधि से तैल निकाल लें। आधा पाव इस तैल में कस्तूरी 3 रत्ती और केशर 3 रत्ती को खरल में पीसकर आधा तोला रेक्टीफाइड स्पिरिट में घोलकर मिला दें। सि. भे. म. मा. से किंचित् परिवर्तित
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