Similar Posts

  • Vangeshwar Ras( Varihat )

    Post Views: 21 बंगेशवर रस ( बृहत्‌) मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  बंग भस्म, शुद्ध पारा, शुद्ध गन्धक, चाँदी भस्म, कपूर, अभ्रक भस्म 1-1 तोला, स्वर्ण भस्म और मोती भस्मे 3-3 माशे लें। प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावें, फिर उसमें अन्य औषधियाँ मिलाकर सबको भांगरे के रस में खरल…

  • Vednantak Ras

    Post Views: 23 वेदनान्तक रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध अफीम 3 माशे, कपूर 3 माशे, खुरासानी अजवायन का महीन चूर्ण 3 माशे और रससिन्दूर 6 माशे में प्रथम रससिन्दूर को खूब महीन पीस कर उसमें खुरासानी अजवायन का कपड़छन किया हुआ चूर्ण मिला, अफीम को पानी में…

  • Narayan Jwarankush Ras

    Post Views: 26 नारायण ज्वरांकुश रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  शुद्ध संखिया, शुद्ध वत्सनाभ विष, शुद्ध पारद, शुद्ध गन्धक, शुद्ध हरिताल, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, कपर्दक भस्म, शुद्ध भाँग, शुद्ध धतूरा-बीज, शुद्ध टंकण-ये प्रत्येक द्रव्य 1- 1 भाग लेकर प्रथम पारा-गन्धक की कज्जली बनावे, पश्चात्‌ चूर्ण करने योग्य…

  • Haritiki Khand

    Post Views: 240 हरीतकी खण्ड गुण और उपयोग (Uses and Benefits)  :- इसके सेवन से समस्त प्रकार के शूल रोग नष्ट होते हैं, विशेषतया अम्लपित्तजन्य शूल और अम्लपित्त को शीघ्र नष्ट करता है। इसके अतिरिक्त अर्श, कोष्ठगत वात विकार, वातरोग, कटिशूल और कठिन आनाह रोग को नष्ट करता है। यह उत्तम विरेचक भी है। मात्रा…

  • Shringadabhar Ras

    Post Views: 13 श्रृंगड़ाराभ्र रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –  कृष्णाभ्रक भस्म 8 तोले, कपूर, जावित्री, नेत्रवाला, गजपीपल, तेजपात, लौंग, जटामांसी, तालीस पत्र, दालचीनी, नागकेशर, कूठ, धाय के फूल 3-3 माशे, आँवला, बहेड़ा सोंठ, पीपल, कालीमिर्च प्रत्येक 1-1 माशे, इलायची के बीज और जायफल 6-6 माशे, शुद्ध गन्धक 1…

  • Tribhuvankiriti Ras

    Post Views: 89 त्रिभुवनकीर्ति रस मुख्य सामग्री तथा बनाने विधि  ( Main Ingredients and Method of Preparation) –   शुद्ध हिंगुल, शुद्ध बच्छनाग, सोंठ, पीपल, काली मिर्च, सुहागे की खील (फूला) और -पीपलामूल-इन सबको समान भाग लें, कूट कपड़छन कर महीन चूर्ण बना, तुलसी, अदरक और धतूरे के रस की 3-3 भावना देकर 1-1 रत्ती की गोलियाँ…